कुत्ते की सूंघने की शक्ति बहुत तीव्र क्यों होती है ?

कुत्ते की सूंघने की शक्ति बहुत तीव्र क्यों होती है ? तीव्र सूंघने की शक्ति की वजह कुत्ते की नाक है । कुत्ते का नाक बड़ा होता होता है , इतना ही नहीं उसकी आंतरिक सतह पर गंध को पहचानने वाले चेत्ताकोश खिचोखिच भरे होते है । ( इसकी नाक में ऐसे चेत्ताकोष की त्वचा … Read moreकुत्ते की सूंघने की शक्ति बहुत तीव्र क्यों होती है ?

पेड़ पौधे अपने प्रकांड , पत्ते , डालिया समेत ज्यादातर बायोमास समृद्ध मिट्टी में रहे पोषक तत्व ग्रहण करके बनाती है !

पेड़ पौधे अपने प्रकांड , पत्ते , डालिया समेत ज्यादातर बायोमास समृद्ध मिट्टी में रहे पोषक तत्व ग्रहण करके बनाती है ! विशेषकर विज्ञान के पुस्तकों ने जो व्यापक रूप से इस झूठी बात को फैला रखा है उसे झूठ साबित करने के लिए प्रयोग कर उसका खंडन करने वाला वैज्ञानिक बेल्जियम का जान बाप्टिस्टा … Read moreपेड़ पौधे अपने प्रकांड , पत्ते , डालिया समेत ज्यादातर बायोमास समृद्ध मिट्टी में रहे पोषक तत्व ग्रहण करके बनाती है !

बर्म्युडा ट्रायंगल की अब तक की सबसे रहस्यमई और जानलेवा सत्य घटना ! भाग 2

सबसे पहले आप यह पोस्ट पढ़ने से पहला भाग अवश्य पढ़ें । इस हैरतंगेज सत्य घटना को समझने में आसानी होगी । पहला भाग पढ़े …भाग 01 फोर्ट लोडरडेल के एरपोर्ट एक लेफ्टिनेंट रॉबर्ट कोक्स नाम का पायलट नीची सतह पर उड़ रहा था । अचानक उसके वायरलेस पर एक सन्देशा आया , ‘ मेरे … Read moreबर्म्युडा ट्रायंगल की अब तक की सबसे रहस्यमई और जानलेवा सत्य घटना ! भाग 2

बर्म्युडा ट्रायंगल की अब तक की सबसे रहस्यमई और जानलेवा सत्य घटना !

बर्म्युडा ट्रायंगल की अब तक की सबसे रहस्यमई और जानलेवा सत्य घटना ! दिसम्बर 5 , 1945 का दिन और समय दोपहर का ! फ्लोरिडा राज्य का पूर्वी किनारा जहां पर समुद्र तट पर फोर्ट लॉडरडेल नाम का हवाई मथक स्थित है । यह हवाई मथक एरफोर्स का नहीं है । बल्कि अमेरिका के नौका … Read moreबर्म्युडा ट्रायंगल की अब तक की सबसे रहस्यमई और जानलेवा सत्य घटना !

टाइम के बदले ट्रैफिक प्रति सेंसिटिव बनते सिग्नल !

टाइम के बदले ट्रैफिक प्रति सेंसिटिव बनते सिग्नल ! भारत मे ज़्यादातर बड़े बड़े शहरों में वाहनों के ट्रैफिक का संचालन इलेक्ट्रॉनिक सिग्नलों की मदद से किया जाता है । जो एक सटीक समयावधि के मुताबिक लाल या हरि बत्ती से ट्रैफिक को रुकने का या आगे बढ़ो का संकेत देती है । ऐसा हर … Read moreटाइम के बदले ट्रैफिक प्रति सेंसिटिव बनते सिग्नल !

हॉर्स शू क्रेब

      हॉर्स शू क्रेब           कोई जीव उत्क्रांति के लंबे और कुदरत के संघर्षपूर्ण दौर में करोड़ो साल तक जिंदा रह जाता है और ऐसा हो कि अचानक उसकी तादाद घटने लगती है , आखिर में उसका अस्तित्व ही ख़तरे में पड़ जाए ऐसा होता है ? हालांकि उसके अस्तित्व को … Read moreहॉर्स शू क्रेब

दुनिया के महान सेनापति नेपोलियन की दयाजनक मौत !

    बात कुछ पुराने समय की है और यूरोप की है ! उस समय में यूरोप आज की से बिल्कुल अलग था । स्वाभाविक है कि देश भी अलग होंगे ! रहाइन का समवायतंत्र , स्वतंत्र पर्शिया , वॉरसे राज्य , नेपल्स , ऑटोमन साम्राज्य जैसे देशों के नाम तो हमें बिल्कुल अनजान लगे … Read moreदुनिया के महान सेनापति नेपोलियन की दयाजनक मौत !

कुतुबुद्दीन ऐबक (1206-1210 ईं.)

कुतुबुद्दीन ऐबक (1206-1210 ईं.) 1 ‘क्या राज्यारोहण मुहम्मद गोरी अपनी आकस्मिक मृत्यु (15 मार्च, 1206 ई3 के कारण अपना कोई उत्तराधिकारी नियुक्त नहीं कर सका था । उसके क्रोईं पुत्र भी नहीं था । ऐसी अवस्था में वह अपने गुलामों पर ही विश्वास काता था । मिनहाज-सिराज के अनुसार, उसने एक वार स्पष्ट भी कर … Read moreकुतुबुद्दीन ऐबक (1206-1210 ईं.)

दिल्ली सल्सनत्त की स्थापना

दिल्ली सल्सनत्त की स्थापना इतिहास इस तथ्य को स्पष्ट उजागर करता है कि विश्व में साम्राज्य बनते और विनिष्ट होते रहे हैं और उनके निर्माण व विनाश में युद्ध निर्णायक भूमिका निभाते हैं । यही बात तराइन के दूसरे युद्ध (1192 ई) के लिए कही जा सकती है । जैसाकि इससे पूर्व स्पष्ट कर आये … Read moreदिल्ली सल्सनत्त की स्थापना

आक्रमणों के प्रभाव

आक्रमणों के प्रभाव मुहम्मद गोरी के भारतीय आक्रमण तूफान की भाँति सिद्ध हुए । उसने भारत में जमकर हमले किये और वह जब भारत से लोटता या तो अपने विजित प्रदेश के प्रबन्ध की व्यवस्था अपने आदमियों के अधीन करके जाता था । इसलिए यह स्वाभाविक था कि उसके आक्रमण के प्रभाव भी भारत पर … Read moreआक्रमणों के प्रभाव

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