कुत्ते की सूंघने की शक्ति बहुत तीव्र क्यों होती है ?

कुत्ते की सूंघने की शक्ति बहुत तीव्र क्यों होती है ?

कुत्ते की सूंघने की शक्ति बहुत तीव्र क्यों होती है ?

तीव्र सूंघने की शक्ति की वजह कुत्ते की नाक है । कुत्ते का नाक बड़ा होता होता है , इतना ही नहीं उसकी आंतरिक सतह पर गंध को पहचानने वाले चेत्ताकोश खिचोखिच भरे होते है । ( इसकी नाक में ऐसे चेत्ताकोष की त्वचा का क्षत्रफल 2.5 चोरस सेंटीमीटर , जबकी जर्मन शेफर्ड , ब्लडहाउंड , रिट्रीवर जैसे कुत्तो में यह क्षेत्रफल दो या फिर तीन गुना ज़्यादा होता है । ) चीनी जैसे नाक वाले कुछ नस्ल के कुत्तो में तो यह शक्ति और ज़्यादा मात्रा में खिली है , क्योंकि उनके नाक की त्वचा में गड़ी पड़ी है । जिसके कारण कम जगह में ज्यादा चेत्ता कोष का समावेश हो पाया हैं।

लंबे नाक वाले शिकारी कुत्तो की गंध परखने की ताकत ताजुब्ब करने वाली है । जैसे कि सन 1885 में जी जे रोमानेस नाम के एक प्रकृतिविद ने तीव्र सुघने की शक्ति की जांच करने के लिए हाउंड की कैटेगरी में आते शिकारी कुत्ते को पसंद किया । प्रयोग के लिए कुत्ते के मालिक समेत 12 लोगो को नम जमीन पर बारी बारी चलने को कहा ! इस तरह से एक ही आदमी की फुटप्रिंट पर बारी बारी 11 लोगो ने अपने कदम रखे ! जिसके कारण उन सबकी गंध एक दूसरे की गंध के साथ मिलती जाय । आखिर में कुत्ते को भटकाने के लिए 12 के 6 – 6 लोगो के ग्रुप बनकर एक दूसरे की विरुद्ध दिशा मे आगे चलकर अलग अलग दिशा में चल पड़े !

लेकिन कुत्ते की सूंघने की ताकत देखिए : कुत्ता उसी दिशा में गया जिस दिशा में उसका मालिक गया था । इसलिए साबित हुआ कि कुत्ता कमसे कम 12 तरह की गंध को पहचान सकता है। और वह भी एक साथ ! साथ ही उनमे से किसी एक पर्टिकुलर गंध को अलग भी कर सकता है ।

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