मुहम्मद गोरी के भारत पर आक्रमण के उद्देश्य


मुहम्मद गोरी के भारत पर आक्रमण के उद्देश्य




(1) साम्राज्य विस्तार करना मुहम्मद गोरी भी महमूद गजनवी की र्मोंति एक महत्वाकांक्षी एवं साहसी युवक था । वह दूसरे देशों को विजित कर अपना गौरव बढाने के लिए सदैव आतुर रहता था । उसने महमूद गजनवी के सफल अक्रमणों के विषम में सुन रखा था । ईसी कारण उसने भारत पर आक्रमण किये । इसके अलावा वह गजनी के तत्कालीन सीमित राज्य से सन्तुष्ट नहीं था । पश्चिम की और बढकर वह अपने ज्येष्ठ भाता को अप्रसन्न भी नहीं करना चाहता था । ईन कारणों से उसने पूर्व (भारत) की और दहना डी श्रेयस्कर समझा ।




(2) पंजाब पर आधिपत्य करना मुहम्मद गोरी महमूद गजनवी के राज्य का स्वामी बना था । पंजाब पर महमूद गजनवी व हमके उत्तराधिकारियों का आधिपत्य अब भी मना हआ था । गोरवंशीय सुल्तानों से परास्त हो, गजनी के सुल्तान अब भी पंजाब में शरण लेने आ जाया करते थे । हमके अलावा शहत्युदीन यह भी सोचा कि संकट के समय महमूद के उत्तराधिकारी पंजाब से गजनी पर आक्रमण कर सकते है । अता मुहम्मद गोरी पंजाब को भी अपने साम्राज्य में मिलाना चाहता या; ताकि यह गजनी वंश के विद्रोहियों से अपने राज्य को सुरक्षित रख सके । हम उद्देश्य से मी ठमनै भारत पर आक्रमण किये थे।



(3) भारत पर आक्रमण कर वह मुसलमानों की सहानुभूति प्राप्त करना चाहता था ठस समय हस्लाम एक नवीन धर्म था ओर तुर्कों मे इस्लाम के प्रसार के लिए अधिक उन्माद था । मोहम्मद गोरी जानता था कि तुर्कों के धार्मिक जोश से आक्रमणों मे वह सुगमता से सफलता पा लेंगे और इसके साथ तुर्कों सैनिकों द खलीफा की सहानुभूति म सहयोग भी उसे मिल जाएंगे ।




(4) राज्य को सुरक्षित करना मुहम्मद गोरी जब गजनी का सुल्तान बना था, उस समय पंजाब पर महमूद गजनवी का वंशज खुसरव मलिक शासन कर रहा था । अत: मुहम्मद को भय था कि कमी महमूद के वंशज गजनी को पुन: प्राप्त करने का प्रयास न कर बैठें । इसके अलावा ख़वारिज्म के शाह से भी गोरवंश के सम्बन्थ उस समय अच्छे नहीं थे । अत: इन दोनों शत्रुओं से अपने राज्य को सुरक्षित रखने हेतु पंजाब मर अधिकार करना मुहम्मद गोरी ने अतिआवश्यक समझा ।




(5) इस्लाम का भारत में प्रसार महमूद गजनबी की भाँति मुहम्मद गोरी भी मारत में इस्लाम का प्रसार कर इस्लाम जगत् मेँ अपना नाम कमाना चाहता था । इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए उसने भारत पर आक्रमण किया । परन्तु यह स्वीकार काना पडता है कि धर्म के क्षेत्र में वह महमूद गजनवी की भाँति कट्ठर नहीं था । धर्म को उसने अपने राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति का साधन बनाया , जिससे कि वह अपने सैनिको में युद्ध के लिए उत्साह उत्पन का सका ।




(6) धन प्राप्ति के लिए मध्यकालीन अन्य शासकों की भाँति मुहम्मद गोरी मी दूसरे देशों से धन प्राप्त कर अपने साप्राज्य को विस्तृत एवं समृद्ध बनाकर ठसे सामरिक साधनों से सुसज्जित रखना चाहता था । इसके लिए उसने भारत जैसे धनाढ़य देश को ही उपयुक्त समझा, क्योंकि यहाँ के देवालय एक प्रकार से उस समय खजाने बने हुए थे ।




(7) भारत में मुस्लिम सामाज्य का विस्तार : मुहम्मद गोरी की यह धारणा थी कि भारत में मुस्तिम साम्राज्य को स्थापना हेतु अरब के मुसलमान तथा महमूद गजनबी के उत्तराधिकारियों ने पर्याप्त प्रयास नहीं किया । वह इस कमी को पूरा कर भारत मेँ मुस्लिम राज्य की स्थापना करना चाहता था । इसके अलावा वह साम्राज्यवादी भी था । इसीलिए उसने भारत पर अनेक आक्रमण किये । परन्तु प्रो. हबीब का कहना है कि गोरी के भारतीय राज्य के पीछे कोई साम्राज्य विस्तार का विचार नहीं था ।(8) मुल्तान में ड़स्यालिर्यों शियाओं का प्रभुत्व जिस प्रकार पंजाब मेँ महमूद खुसरव का प्रभुत्व मुहम्मद गोरी का संकट बना हुआ था । उसी प्रकार मुल्तान में इस्मालिया शिया “मुसलमानों की प्रभुता संकट बनी हुईं थी । इस्सालिया शिया,सुन्ती मुसलमानों के विरोधी थे । इस कारण मुहम्मद गोरी भारत पर आक्रमण कर मुल्तान पर अधिकार करना चाहता था ।

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