राजपूत राज्यो की हार के कारण

आधुनिक युग के विख्यात इतिहासकार सर जदूनाथ सरकारने भी अपने महान् शोधकार्य के उपरान्त राजपूत नरेशों की पराजय के निम्नलिखित कारण बताये हैँ… (1) आपस की फूट जदुमाथ सरकार क्री मान्यता है कि देश का सबसे महान् शत्रु घर का भेदी तथा देशवासियों की आपसी फूट होती है । सातवीं शती से पूर्व अफ़गानिस्तान तथा … Read moreराजपूत राज्यो की हार के कारण

राजपूतो के पराजय के सामान्य कारण

ईन कारणों के अलावा हम और भी कारण निर्धारित कर सकते हैं । उनको हम सामान्य कारणों की श्रेणी में ले सकते हैं । वे कारण निम्नलिखित हैं… ( I ) सामाजिक : भारत को बिमिन्न जातियों व धर्मों का अजायबघर माना जाता है । भारत में जातियाँ स्तनों अधिक संरक्या में हैं कि वे … Read moreराजपूतो के पराजय के सामान्य कारण

राजपूतों की पराजय

राजपूतों की पराजय मुसलमानों की भारत बिजय तथा उनको इस कार्य में मिली असाधारण सफलता कोई साधारण ऐतिहासिक घटना नहीं थी । पृथ्वीराज चौहान भारत का अन्तिम हिन्दू सम्राट था जो अपनी शूरता व वीरता के लिए उत्तरी भारत में प्रख्यात था । अत: उसकी पराजय भारत के इतिहास में कोई साधारण पराजय नहीं थी … Read moreराजपूतों की पराजय

शहाबुद्दीन गोरी के आक्रमण

अजमेर में दूसरा विद्रोह राजपूत नरेशों को गोरी की अजमेर व्यवस्था असह्य थी । इसमें उनका घोर अपमान था । अत: पृथ्वीराज के भ्राता हरिराज ने मुहम्मद गोरी के गजनी लौटते ही रणथम्भोर का दुर्ग घेर लिया । यहाँ गोरी अपने अधिकारी किबाम उल मुल्क के नेतृत्व में मुस्लिम सेना छोड़ गया था । इसके … Read moreशहाबुद्दीन गोरी के आक्रमण

शाहबुद्दीन ने किए हुए आक्रमण

राजस्थान में चौथा विद्रोह राजपूतों को मुस्लिम दासता बुरी तरह से अखर रही थी । उनकी दासता एक क्रंड़वे लूँट निगलने के समान लग रही थी । वे दासता के जूड़े को उतार फेंकना चाहते थे । इस बार मेद और चौहानों ने विद्रोह का श्री गणेश किया । उन्होंने अन्हिलवाड़ा के चालुक्य नरेश को … Read moreशाहबुद्दीन ने किए हुए आक्रमण

मुहम्मद गोरी के आक्रमण के समय भारत की राजनीतिक अवस्था

मुहम्मद गोरी के आक्रमण के समय भारत की राजनीतिक अवस्था जिस समय मुहम्मद गोरी ने भारत पर महमूद गजनबी की भाँति निरन्तर आक्रमण काना आरम्भ किया था, उस समय भारत की राजनीतिक अवस्था सन्तोषप्रद नहीँ थी । उस समय समस्त उत्तरी भारत छोटे-छोटे स्वतन्त्र राज्यों में विभक्त था । अधिकांश राज्य राजपूत नरेशों से शासित … Read moreमुहम्मद गोरी के आक्रमण के समय भारत की राजनीतिक अवस्था

शाहबुहीन गोरी के भारत पर आक्रमण

शाहबुहीन गोरी के भारत पर आक्रमण मुहम्मद गोरी की मुल्तान विजय शाहबुदीन गोरी ने प्रथम आक्रमण मुल्तान पर किया । इसका कारण यह था कि मुल्तान करमाथी (शिया) मुसलमानों के अधिकार में था । मुम्मी मुसलमान उन्हें इस्लाम द्रोही मानते हैं । दूसरा कारण यह था कि इसको विजित करने के उपरान्त गजनी और भारत … Read moreशाहबुहीन गोरी के भारत पर आक्रमण

भारत में तुर्क साम्राज्य की स्थापना

भारत में तुर्क साम्राज्य की स्थापना महमूद गजनवी ने एक महान् साम्राज्य की स्थापना अवश्य की, परन्तु उसका साम्राज्य स्थायी नहीं बन सका । इसका प्रधान कारण यह था कि सुल्तान का साम्राज्य उसकी सैनिक शक्ति पर आश्रित था । उसके साम्राज्य में विमिन तुर्कों के कबीले थे । वे कबीले महमूद के समय मेँ … Read moreभारत में तुर्क साम्राज्य की स्थापना

मुहम्मद गोरी के भारत पर आक्रमण के उद्देश्य

मुहम्मद गोरी के भारत पर आक्रमण के उद्देश्य (1) साम्राज्य विस्तार करना मुहम्मद गोरी भी महमूद गजनवी की र्मोंति एक महत्वाकांक्षी एवं साहसी युवक था । वह दूसरे देशों को विजित कर अपना गौरव बढाने के लिए सदैव आतुर रहता था । उसने महमूद गजनवी के सफल अक्रमणों के विषम में सुन रखा था । … Read moreमुहम्मद गोरी के भारत पर आक्रमण के उद्देश्य

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